दोस्तों बारिश का मौसम हर किसी के दिल को सुकून देने वाला होता है। बारिश की बूंदें जहां धरती को ठंडक देती हैं वहीं दिल में छुपी यादों को भी ताजा कर देती हैं। सावन की फुहारों में अक्सर किसी खास की याद आ जाती है और बीते हुए खूबसूरत पल आंखों के सामने घूमने लगते हैं। इसी खूबसूरत एहसास को शब्दों में सजाकर हम आपके लिए Barish Shayari in Hindi का शानदार संग्रह लेकर आए हैं।
Barish Par Shayari
पूछते हो ना मुझसे हमेशा,
कि कितना प्यार करता हूँ तुम्हें,
तो गिन लो बारिश की इन बूंदों को,
शायद हिसाब मिल जाए तुम्हें !
अजब लुत्फ का मंजर होता है बारिश में,
दिल भी भीगता है और यादें भी,
हर बूंद तेरा नाम लेकर,
मेरे पास चली आती है !
आज आई बारिश तो याद आया वो जमाना,
तेरा छत पर खड़े रहना,
और मेरा सड़कों पर भीग जाना !
कभी जी भर के बरसना,
कभी बूंद-बूंद को तरसाना,
ए बारिश तेरी आदतें भी,
मेरे यार जैसी हैं !
सुना है बारिश में दुआ कबूल होती है,
अगर इजाजत हो तो,
आज खुदा से तुम्हें मांग लूँ !
सावन का महीना आया है,
दिल फिर से मचलने लगा है,
तेरी यादों का कारवां,
फिर से निकलने लगा है !
हम भीगते हैं जिस तरह,
तेरी यादों में डूबकर,
उस तरह बारिश भी,
हमें कहाँ भिगो पाती है !
बरसती हुई बूंदों में,
तेरा चेहरा नजर आता है,
ये मौसम हर बार,
मुझे तेरी याद दिलाता है !
बारिश की हर एक बूंद,
मोहब्बत का पैगाम लाती है,
और मेरे दिल में,
तेरी तस्वीर बना जाती है !
तेरे साथ भीगी हुई शामें,
आज भी याद आती हैं,
बारिश की हर फुहार,
तेरी कहानी सुनाती है !
Barish Shayari in Hindi
यादों में तेरी इतने आँसू बहाए हैं,
कि सावन की बरसात भी,
शरमा जाए मेरे हाल पर !
कोई तो बारिश ऐसी हो,
जो तेरे साथ बरसे,
तन्हा तो मेरी आँखें,
हर रोज बरसती हैं !
मोहब्बत भी बारिश जैसी है,
जिसे छूने की चाहत में,
हथेलियाँ तो भीग जाती हैं,
मगर हाथ खाली रह जाते हैं !
पहले बारिश में हम साथ मिला करते थे,
अब तेरी यादों में,
आँसुओं की बारिश होती है !
कल रात तेरी याद आती रही,
और पूरी दुनिया सोती रही,
बस एक बारिश थी,
जो मेरे साथ रोती रही !
ए बारिश जरा ठहर के बरस,
मेरा यार आने वाला है,
पहले उसे आने तो दे,
फिर जी भर के बरसना !
बारिश से ज्यादा असर,
तेरी यादों का होता है,
हम बंद कमरे में भी,
भीग जाया करते हैं !
लगता है खो गया हूँ,
इस मौसम की गलियों में,
अब बिना बारिश के भी,
भीगता रहता हूँ !
इश्क करने वाले आँखों की बात समझ लेते हैं,
सपनों में मुलाकात हो जाए,
तो उसे भी हकीकत समझ लेते हैं !
ये मौसम अब अच्छा नहीं लगता,
आँसू ही बहुत हैं मेरे पास,
भीग जाने के लिए !
बारिश पर शायरी
शायद कोई ख्वाहिश,
आज भी रोती रहती है,
इसीलिए मेरे अंदर,
हर रोज बारिश होती है !
ए बादल इतना बरस,
कि नफरतें धुल जाएं,
इंसानियत को फिर से,
मोहब्बत मिल जाए !
ये बारिश की बूंदें नहीं,
मेरे आँसू हैं,
जो तेरी याद में,
बहते चले जाते हैं !
सावन में जो साथ भीगे थे,
वो लम्हे आज भी याद हैं,
अब बिना मौसम के भी,
आँखें नम हो जाती हैं !
जरा ठहरो बारिश,
थम जाओ तो फिर जाना,
किसी का उसे छू लेना,
मुझे अच्छा नहीं लगता !
आज इस बारिश में,
बहुत कुछ धुल गया,
तेरी यादों का एक हिस्सा भी,
कहीं खो गया !
बारिश में चलने से,
एक बात याद आती है,
फिसलने के डर से,
वो मेरा हाथ थाम लेता था !
वो सामने आया भी,
तो बरसात के मौसम में,
मेरे आँसू बह रहे थे,
और वो बारिश समझ बैठा !
तेरे इश्क की बारिश में,
कुछ इस तरह भीग जाऊँ,
दुनिया की सारी बातें,
एक पल में भूल जाऊँ !
मौसम है बारिश का,
और याद तुम्हारी आती है,
हर गिरती हुई बूंद,
तेरी आवाज सुनाती है !
Conclusion
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